Sunday, June 27, 2010

Nothing last forever.

Over a period of time it did wilt away, unable 2 keep the promise of blooming for all the times to come. She saw it fade away day after day. Before the next spring starts she wants to bid farewell to it but is not able to gather the strength. Then one day when she was sure to leave, to bury it in a nearby lake, she sat with it to take a look at the memory lane. How it came to her, made her days cheerful changed her life. How without a word there was this impossible promise to stay together forever...
Today before saying the final good bye she said '' thanks, m sorry we could not keep the promise but u brought a lot of happiness to my life. I will miss u. good bye''


याद है आज भी वो बचपन प्यारा
वो डगमगाते कदमो को तेरी ऊँगली का सहारा
हर मुश्किल के सागर में तेरी ममता का किनारा,
चाहे पापा की डांट हो या सोलह का पहाडा.

वो खेल कूद के थक के घर आना
'मम्मी भूख लगी' जोर से चिलाना
वो लस्सी, वो मठरी और आम का आचार,
तेरे हाथो का जादू, उसपर तेरी ममता और प्यार,

जब दोस्तों से लड़ के मैं कमरे में रोती
तुम बिना कुछ पूछे मेरे पास बैठी होती,
जब कभी हार के मैं घर वापस आती,
तुम मेरे लिए सबसे अच्छा खाना बनाती.

मेरी हर जीत में, मेरी हर हार में,
मेरे हर छोटे बड़े राज में,
कभी कुछ कहके कभी कहे बिना,
तुम मेरे साथ थी हर हाल में.

मेरी सहेली, मेरी गुरु, मेरी शान हो तुम,
मेरी राह मेरी दिशा मेरी आधार हो तुम,
ममता का सागर आपार हो तुम,
मेर जीवन का सार हो तुम.